चाबी _ Chapter 2
कश्यप श्रीवास्तव बोरीवली वेस्ट में रहता हुआ एक अमीर बाप का बेटा हैं। एक बड़े बंगले में वो अपने पिताजी के साथ रहता हैं। MIDC में उसकी खुद की दो फैक्टरियां हैं।इसके अलावा उसकी एक 5 स्टार होटल अंधेरी में हैं और दो और फैक्टरियां पुणे में हैं। करोड़ों की जायदाद का इकलौता वारिस हैं।
मां सुभद्रा देवी को परलोक सिधारे 2 साल हो गए हैं। पिता रमेश श्रीवास्तव अभी निवृत्त जीवन बीता रहे हैं। कश्यप की उमर 32 साल हैं और वो अपने समग्र परिवार के साथ एक शानदार बंगले में जी रहा हैं।
सुबह को पिताजी ने उसे बोला था कि घर के main gate (मुख्य दरवाजे) का ताला गुम हो गया हैं तो बहार से वो नया ताला ले आए। पर वो इस बात को भूल गया। इसलिए उसने Blinkit के माध्यम से 1 बड़ा ताला और कुछ सेब मंगवाए हैं। उसका यह ऑर्डर जा के रणवीर के खाते में पड़ता हैं।
रणवीर 8:41 को नायगांव से बोरीवली जाने को निकलता हैं। 9:36 को वो बोरीवली वेस्ट में स्थित कश्यप श्रीवास्तव के घर पहुंच जाता हैं और सफाई से डिलीवरी कर देता हैं। कश्यप उसका शुक्रिया अदा करता हैं और वक्त की पाबंदी के लिए उसे 5 में से 5 रेटिंग भी दे देता हैं।
6 ऑर्डर की अपेक्षा के विरुद्ध, शाम 7 बजे से रात 2 बजे तक रणवीर को सिर्फ 4 ऑर्डर ही मिलते हैं। पेट्रोल इत्यादि का खर्चा निकाल के सिर्फ 650 रुपया बनता हैं। उसका घर अच्छी तरह से चलाने के वास्ते उसे कम से कम रोज़ का 1000 चाहिए पर पिछले 5 दिनों से उसे औसतन 700 ही मिल रहा हैं, वो भी तीन शिफ्ट में काम करने के बावजूद। मन ही मन अब वो Blinkit कंपनी और खुद की किस्मत को गालियां दे रहा हैं। उसने अब करीब करीब तय ही कर लिया हैं कि 15 दिन के अंदर अंदर वो ये कंपनी छोड़ ही देगा। पर उसे ये भी मालूम हैं कि नई जॉब, वो भी अच्छी वाली, जो कोई जानीमानी कंपनी में हो, और तनख्वाह भी अच्छी हो, वो उसे तुरंत नहीं मिलने वाली। ऊपर से उसने जो ICICI बैंक से 4 लाख की पर्सनल लोन उठा रखी हैं, उसका हर महीने का 7000 का हफ्ता कट रहा हैं। अगर ये जॉब भी छोड़ दी तो वो हफ्ता भरेगा कैसे? अब चिंता के बादल और तेज़ी से उसके सिर पर मंडराना शुरू हो गए हैं।
रात के सन्नाटे में उसे अपना भविष्य भी अंधकार से भरा हुआ नजर आने लगा हैं।
रात 2 बजे वो सारे ऑर्डर खत्म कर के अपने घर पहुंचता हैं। उसकी बीवी ज्योति और दोनों बच्चे चैन से सो रहे हैं। पता नहीं लेकिन उन्हें देख कर रणवीर को आज रोना आ रहा हैं कि अगर उसने Blinkit वाली जॉब छोड़ दी तो इन तीनों का न जाने क्या होगा?
"हे ईश्वर, मुझे बचा ले! हे परमपिता परमेश्वर कोई रास्ता दिखा। ये नौकरी बहुत मुश्किल हैं मेरे लिए। बहुत थक जाता हूं। सिर्फ 4 घंटे ही सो पाता हूं। ऐसा करते करते तो मैं जल्दी बूढ़ा हो जाऊंगा, जल्दी मर जाऊंगा। या तो कोई अच्छी सी नौकरी दिला दे जिसमें तनख्वाह 30,000 के ऊपर हो और कमसेकम 8 घंटे की नींद मिल जाए। या कहीं से अचानक पैसों का ढेर लग जाए ऐसा इंतजाम कर दे। हे प्रभु, अब तू ही एक सहारा हैं। मदद कर दे, मुझे मदद कर दे....!" वो सामने छोटे से मंदिर में ज्योति के द्वारा सजा के रखी हुई भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति के सामने गिड़गिड़ाता हैं। उसकी आंखों से अश्रु बहने लगते हैं। तीन से चार मिनट वो एकदम भक्ति भाव में लीन हो जाता हैं। जब आँखें खोलता हैं तो खुद को काफी हल्का महसूस करता हैं!
"सच्चे दिल से प्रार्थना करने का शायद ये ही तो फल हैं": वो दो घड़ी सोचता हैं। हाथ मुंह धो के वो सो जाने की तैयारी करने लगता हैं। रात को एक अगरबत्ती करके सो ने का उसका नित्यक्रम हैं। वो पूरा करता हैं और जैसे ही बिस्तर के करीब जाता हैं, तभी उसके Blinkit वाले पीले थैले से उसे एक चाबी मिलती हैं। वो सोच में पड़ जाता हैं कि ये चाबी आखिर किसकी होगी? उसकी खुद की तो नहीं हैं। फिर अचानक उसे याद आता हैं वो 8:41 वाला बोरीवली वेस्ट वाला कोल। "उसी ने एक ताला और कुछ फल मंगवाए थे। ये चाबी उसी ऑर्डर की हैं क्योंकि और किसीने तो कोई ताला चाबी का सेट मंगवाया नहीं है। तो यकीनी तौर पर ये चाबी उसी आदमी की हैं। नए ताले के साथ जो 3 चाबी का सेट आता हैं, उसी में से एक चाबी ये हैं, जो आकस्मिक तरीके से उस 3 चाबी के सेट से अलग हो के इस Blinkit के थैले में रह गई हैं। कल जब उस तरफ जाऊंगा तो उस कश्यप जी को दे दूंगा।" इतना सोच के वो सोने के लिए, बिस्तर पर लेट जाता हैं। प्रभु राम का स्मरण करते करते रणवीर सो जाता हैं।
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