चाबी _ Chapter 5
आखिर वो दिन आ ही गया, जब सुखबीर ने चोरी करने का प्लान बनाया था _ रविवार का दिन, छुट्टी वाला दिन...आज कश्यप श्रीवास्तव अपने परिवार को ले कर खंडाला लोनावला जाने वाला हैं। उनकी गैर_मौजूदगी में सुखबीर सिंघ गील उसके घर चोरी करने वाला हैं। और सुखबीर का दोस्त रणवीर भट्ट उसे उस चोरी से रोकने की कोशिश करने वाला हैं। आइए देखते हैं इन तीनों महानुभावों में से कौन सफल हो पाता हैं और कौन सफल होने के सिर्फ ख्वाब देखते रह जाता हैं!! सुबह 4 बजते ही योगिता कश्यप श्रीवास्तव उठ खड़ी हुई। भगवान गणेश को माथा टेक कर वो सीधा किचन में गई। अचानक उसकी नजर उस खिड़की की तरफ गई जो रात को खुली रह गई थी। वो जैसे ही उसे बंध करने गई तो उसकी नजर आधे जले हुवे सिगरेट के टुकड़े की तरफ पड़ी जो नीचे घास पे पड़ा हुआ था। वो सोचने लगी: " आधा जला हुआ सिगरेट का टुकड़ा?? कौन आया होगा इस खिड़की के पास? कश्यप तो सिगरेट नहीं पीता कभी भी। शायद रामू ने फिर से सिगरेट पीना शुरू किया होगा। सुबह को पूछ लेती हूं, कार में बैठूंगी न, तब..." फिर वो नित्य क्रम में जुट गई। ब्रश कर लिया, वॉशरूम जा के आई, नहा भी लिया...फिर नाश्ता तैयार...